Wednesday, October 31, 2012
Thursday, October 11, 2012
मुझको तो बस उड़ना है.....
उन्मुक्त गगन में उड़ना है, झंझावातों से लड़ना है !
चाहे जितना भाग्य रोक ले ,चाहे जितना दुनिया टोंक ले !!मुझको तो बस उड़ना है, झंझावातो से लड़ना है !!!
निकला हूँ में मिथक तोड़ने, निकला हूँ में इतिहास जोड़ने!
न रोकूंगा राह में अपनी ,न रोकूंगा चाल में अपनी !!
बदले चाहे नदियाँ राहे अपनी , वायु वेग लगा ले अपनी !!!
न बदलूँगा राह में अपनी, मुझको तो बस उड़ना है !
नया पैमाना गढ़ना है , दुनिया को ये समझाना है !!
झंझावातो से लड़ना है , मुझको तो बस उड़ना है !!!
दम है जिसमे राह रोक ले, चाहे जितनी ताकत झोंकले !
ज्वाला मुखी राहों में बनाले, चाहे मेरा रक्त सोखले !!
मुझको तो बस उड़ना है झंझावातों से लड़ना है ..!!!
संघर्षों की गाथा लिखने , निकला हूँ में आज जितने!
सीमाए क्या होती है, बाधाएं क्या होती है !!
हमने यदि ठान लिया तो विपदाएँ भी रोती है !!!
झंझावातों से लड़ना है ...मुझको तो बस उड़ना है....!!!!
नामुमकिन को मुमकिन करने ,स्वप्न अपने साकार करने !
सफलताओं का आकाश गढ़ने ,मुझको तो बस उड़ना है !!
उन्मुक्त गगन में उड़ना है, झंझावातों से लड़ना है ...!!!
मुझको तो बस उड़ना है .....मुझको तो बस उड़ना है....मुझको तो बस उड़ना है.....
-हितेश शुक्ला
Tuesday, September 11, 2012
देश आर्थिक और राजनैतिक आपातकाल की ओर...?
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Saturday, December 24, 2011
सत्ता में शुचिता के राम है अटल...!!!
सुशासन की मिसाल ,
राष्ट्रवाद का प्रतीक !
विचार का प्रयाग ,
लोकप्रियता का चरम है अटल !! 1 !!
चरैवेति के ध्येय
पथिक ,
कमल के पर्याय !
संपन्न भारत का चित्र ,
कवि और कलमकार है अटल !! 2 !!
शांति का सन्देश ,
राष्ट्र शत्रुओं के काल !
महाशक्ति भारत का संघोष ,
स्वाभिमानी राष्ट्र का चित्र है अटल
!! 3 !!
आपातकाल
के भक्षक ,
लोकतंत्र के रक्षक !
जन जन के नायक,
जनतंत्र का यशस्वी कालखंड है अटल
!! 4 !!
ध्रुव सी द्रढ़ता,
कृष्ण सी चपलता !
सूर्य से तेज युक्त
,
सत्ता में शुचिता के राम है अटल... !! 5 !!
{{ देश के पूर्व प्रधानमंत्री माननीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म दिवस }}
{{ २५ दिसम्बर के उपलक्ष्य में सादर - हितेश शुक्ला }}
{{ २५ दिसम्बर के उपलक्ष्य में सादर - हितेश शुक्ला }}
Tuesday, November 29, 2011
अन्ना यह संघर्ष निर्णायक हो...!!!
अब आश्वासन नहीं परिणाम चाहिए...
" अन्ना ने फिर से संघर्ष का मैदान सम्हाल लिया है ! ११ दिसंबर को जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण धरना और 27 दिसंबर से फिर अनशन की तैयारी में है !अन्ना आपको देश के जन ने अपना नेतृत्व सोपा है ! कांग्रेस नीत UPA सरकार के कुटिल इरादे नेक नहीं लगते ये किसी भी हद तक जा सकते है ! यह लड़ाई अब सिर्फ आश्वासनों पर समाप्त न हो!पूरा देश मन वचन कर्म से आपके साथ है !आप संघोष कीजिये देश का युवा फिर तिरंगा हाथ में थामे भारत माता की जय और वन्देमातरम के उदघोष के साथ प्राण - प्रण से आपके साथ अपना "युव धर्म" निभाता नजर आएगा ! लेकिन याद रहे अन्ना यह संघर्ष निर्णायक हो ! अब आश्वासन नहीं परिणाम चाहिए !अन्ना आप से देश को अपेक्षाएं है,आप पर आपकी नेक नियति पर पूरा भरोसा है!लेकिन अब अगर देश का भरोसा टुटा अन्ना तो यह जन बिखर जायेगा जिसे फिर शायद कोई गाँधी या नहीं जोड़ पायेगा ???"
देश में युपीए सरकार वर्ष 2011 में भारत की हि नही विश्व की सर्वाधिक घोटाले बाजों की सरकार होने का कीर्तिमान रच ही रही थी ! तभी देश को पता चला की हमारे देश की सारी गरीबी मिटा दी जाये इतने रुपये चोरी छुपे देश के बार अन्य देशों की बैंकों में जमा है ! सत्ता के षड्यंत्रों से अनजान योग गुरु ने देश की सरकार पर विदेशी बेंको में जमा देश धन देश में वापस लाया जाये ! उसे राष्ट्रीय सम्पत्ती घोषित किया जाये !इसके लिए आंदोलन छेड़ दिया !पोल खुल जाने से और धन खोने के डर से उनके आन्दोलन को दबा दिया इतना ही नहीं उन्हें बे आबरू कर दिया गया ! उन्हें बातो और आश्वासनों के भ्रम में उलझा लिया सच्चाई पता चलता तब तक देर हो चुकी थी ! रामदेव सत्ता के षड़यंत्र में पूरीतरह उलझ गये !देश के सामने उनकी प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को तार तार कर दिया गया ! उन्हें क़ानूनी पेचीदगियों में उलझा दिया गया! उन्हें अब योग गुरु कि जगह ठग कहे जाने लगे ! कांग्रेस ने ओछेपन की सारी हदे तोड़ दी द्वेष पूर्ण क़ानूनी नाके बंदी शुरू कर दी !कई जांचों में उलझाकर उनके आन्दोलन को बिखेर दिया !
देश में भ्रष्टाचार के कारण खूब हंगामा बरपता रहा ! एक के बाद एक घोटालो के प्रमाणित आरोपों को कांग्रेस नीत केंद्र सरकार ने कान में रुई लगाकर अनदेखा कर दिया ! और तो और बजाय भ्रष्ट चारियों पर कार्यवाही करने के बेशर्मी से कांग्रेसी बयान वीरों ने उन्हें क्लीन चीट तक दे डाली ! कांग्रेसी मान मर्यादा तो दूर न्यायालय से भी ऊपर हो गये! लेकिन अन्ना की हूकार ने बहरी होकर बैठी सरकार को हरकत में आने पर मजबूर कर दिया ! रामदेव के आन्दोलन को निरंकुशता से अनशन समाप्त करवा चुकी सरकार ने अन्ना को भी गिरफ्तार कर तानाशाही लोकतंत्र की तस्वीर दिखा दी !लेकिन जन के मन में दबी आग में अन्ना की गिरफ़्तारी ने घी का काम किया !अब देश की जनता जिसे कांग्रेसी सुप्त लोकतंत्र की भीड़ मानती रही वह इस निरंकुशता के खिलाफ खुलकर मैदान में आ गयी! क्या बच्चे क्या बूढ़े क्या जवान हर कोई इस सत्ता को जन की ताकत का अहसास करवाने सड़क पर आगया !एसा लगा आज़ादी की तीसरी लड़ाई आरम्भ हो गयी ! मैंने जाग्रत देश को अपनी आँखों से देखा !अब वह आग दिल्ली से निकल कर गाँव गाँव तक पहुँच गयी !तिरंगा , वन्दे मातरम ,भारत माता का जयकारा ,अन्ना और सफ़ेद टोपी भ्रष्टाचार के खिलाफ क्रांति के प्रतीक बन गये ! सरकार के सारे दांव उलटे पड़ गये ! सत्ता के मद में चूर कांग्रेस के कूटनीतिज्ञों का नशा जनता ने उतार दिया ! देश की जनता ने संकेत दे दिया !अब मनमर्जी नहीं चलेगी !सत्ता का दंभ जन के आगे नत मस्तक हुआ ! विशेष सत्र बुलाकर जन लोकपाल पर चर्चा की सहमती दे दी ! भाजपा ने कहा जन लोकपाल पर हम देश के साथ है !फिर क्या था !संसद का विशेष सत्र बुलाया गया ! चर्चा हुई ! नेता प्रतिपक्ष श्री मति सुषमा स्वराज ने लोकसभा में और श्री अरुण जेटली ने राज्य सभा में एतिहासिक भूमिका का निर्वहन जन लोकपाल बनाने के मार्ग में किया ! सकारात्मक विपक्ष का यह अद्वितीय उदाहरण भी संसदीय इतिहास में पेश किया !लेकिन एक बार फिर केंद्र सरकार ने धोखेबाजी की जनलोकपाल लागु करवाने का नाटक सरकार ने संसद में खूब किया अन्ना ,देश और विपक्षी दलों को भी अपने अभिनय से भ्रमित करने में सफल रही !
सशक्त लोकपाल के गठन की बारी आई तो सरकार ने अपना गिरगिट की तरह रंग बदलना शुरू कर दिया ! इतना ही नहीं अन्ना पर भ्रष्टाचार के आरोप मढ़े जाने लगे ! अन्ना के NGO पर जाँच बैठाई गयी ! अरविन्द केजरीवाल पर रिकवरी निकल दी गयी ! किरण बेदी को भी क़ानूनी शिकंजे में फाँसने की तैयारी की गयी ! यही नहीं भेदिये की भूमिका में बहरूपिये अग्निवेश का बखूबी इस्तेमाल किया ! अन्ना टीम को तोड़ने और बदनाम करने की कोई कसर नहीं छोड़ी !
लेकिन अन्ना चुप रहे सरकार अपने करतब दिखाती रही !मोंन व्रत ले लिया फिर कहा में अगले आन्दोलन और देश में घुमने को तैयार हूँ ! शीत कालीन सत्र शुरू हो गया ! जन लोकपाल ले नाम पर देश को फिर सरकार ठेंगा दिखा रही है ! अन्ना की हुँकार के खौफ में सरकार लोकपाल पर बिल तो ला रही है लेकिन मनमोहन सिंह की तरह कमजोर,बेबस , सरकार के हाथों की कठपुतली बना रह सके एसा लोकपाल लाने की तैयारी में UPA सरकार दिखाई पड़ रही है !देश और जनता को फिर ससे मुर्ख बनाकर अपने घोटाले बाजों को बचा लिया जाये एसा जन लोकपाल सरकार लाना चाहती है! अन्ना ने फिर से मैदान सम्हाल लिया है ! 11 दिसंबर को जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण धरना और 27 दिसंबर से फिर अनशन की तैयारी में है !
अन्ना , आपको देश के जन ने अपना नेतृत्व सोपा है ! कांग्रेस नीत UPA सरकार के कुटिल इरादे नेक नहीं लगते ये किसी भी हद तक जा सकते है ! यह लड़ाई अब सिर्फ आश्वासनों पर समाप्त न हो!पूरा देश मन वचन कर्म से आपके साथ है !आप संघोष कीजिये देश का युवा फिर तिरंगा हाथ में थामे भारत माता की जय और वन्देमातरम के उदघोष के साथ प्राण - प्रण से आपके साथ अपना "युव धर्म" निभाता नजर आएगा !
लेकिन याद रहे अन्ना यह संघर्ष निर्णायक हो ! अब आश्वासन नहीं परिणाम चाहिए !अन्ना आप से देश को अपेक्षाएं है,आप पर आपकी नेक नियति पर पूरा भरोसा है!लेकिन अब अगर देश का भरोसा टुटा तो यह जन बिखर जायेगा जिसे फिर शायद ही कोई गाँधी या अन्ना जोड़ पायेगा ???
Saturday, September 3, 2011
हर पल ठगे जाते है हम...
जागो ग्राहक जागो
ग्राहक शोषण हैS क्या हमारी vk[ksa [kqyrs gh ges pk; dk I;kyk pkfg;sA dgkuh ;gh ls 'kq: gksrh gS xzkgd 'kks"k.k dh D;k vkius /;ku fn;k gS fd pk; esa yxus okyk nq/k 500 ehyh yhVj ds iSdsV esa ges 4-55 xzke feyrk gS vkSj ge dher 500 xzke dh vnk djrs gS! [kkn~; rsy dks gh ys ys 15 yhVj [kkn~; rsy dh iSafdx ge [knhnrs gS ges 13-50 fd-xzk- feyrk gS ge dher vnk djrs gS 15 fdyks dhA ge lCth e.Mh tkrs gS ogka bysDVªkfud dkaVs dh dYiuk Hkh ugh dh tk ldrh ysfdu rkSy ds fy;s D;k ogkW ukirkSy foHkkx ds izekf.kd ^^ckV** mi;ksx esa gksrs gSA rks tcko gksrk gS irk ugh ge xkSj djs rks irk pyk gS rkSy gsrq uV cksYM ,oa iRFkjksa dk mi;ksx gksrk gS \
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Wednesday, July 27, 2011
ईश्वर के होने का अहसास...!!!
मै बेहद परेशान था, हर कदम पर आ रही मुश्किलों से हैरान था !
असफलताओं का दौर मुझे आस्तिक से नास्तिक बना रहा था !!
आज रात कोई मेरा अपना मेरे सपने मे आया, उन्होंने प्यार से मेरे बालों को सहलाया !
बोले बेटा....परेशान हो या मुझसे नाराज हो आजकल मंदिरसे तुम क्यों दूर
दूर हो !!
मैंने नाराजगी मे करवट बदली और सो गया,!
थोडा गुस्सा आया और फिर से गहरी नींद मे खो गया ! !
उन्होंने फिर प्यार से मेरे बालों को सहलाया !
उन्होंने मुझ पर और प्यार व स्नेह लुटाया !!
बोले ,हाँ लोग मुझे पत्थर की मूर्ति मे देखकर भागवान मानते है !
माना की मानव देवताओं को इंसानों से बढ़कर मानते है !!
लेकिन पत्थर तो मेरी प्रतिकृति है , भगवान होना मेरी जिम्मेदारी !
लेकिन यथार्थ मे मै भी एक इन्सान हूँ !!
मेरा भी मन है दिल धड़कता है मे भी अपनो से स्नेह करता हूँ !
और मेरा अपना कोई मुझसे रूठे तो मे भी दुखी होता हूँ !!
तू मुझे पत्थर नहीं सदा से है अपना मानता आया !
तुने हर मुश्किल ,हर दुःख ,सफलता और ख़ुशी को मुझसे बंटाया !!
इसीलिए तू मंदिर नहीं आया तो मै खुद चला आया !
मेरी भी मज़बूरी है जो बहुत बुरी है...!!
मे भगवान हूँ पर अपनों से नहीं मिल सकता !
तू मेरा अपना है पर मै तेरे आंसू नहीं पोंछ सकता !!
हाँ बस इतना है की तुझमे विश्वास जगा सकता हूँ !
मै तेरे हर दम साथ हूँ यह जता सकता हूँ !!
उनकी बातों से मेरा मन पसीज गया !
आँखों से सटा तकिये का हिस्सा भीग गया !!
मैंने आँखे खोली तो आँखें भी भीगी थी !
असफलताओं का दौर मुझे आस्तिक से नास्तिक बना रहा था !!
आज रात कोई मेरा अपना मेरे सपने मे आया
बोले बेटा....परेशान हो या मुझसे नाराज हो आजकल मंदिर
दूर हो !!
मैंने नाराजगी मे करवट बदली और सो गया,!
थोडा गुस्सा आया और फिर से गहरी नींद मे खो गया ! !
उन्होंने फिर प्यार से मेरे बा
उन्होंने मुझ पर और प्यार व स्नेह लुटाया !!
बोले ,हाँ लोग मुझे पत्थर की मूर्ति मे देखकर भागवान मानते है !
माना की मानव देवताओं को इंसानों से बढ़कर मानते है !!
लेकिन पत्थर तो मेरी प्रतिकृति है , भगवान होना मेरी जिम्मेदारी !
लेकिन यथार्थ मे मै भी एक इन्सान हूँ !!
मेरा भी मन है दिल धड़कता है मे भी अपनो से स्नेह करता हूँ !
और मेरा अपना कोई मुझसे रूठे तो मे भी दुखी होता हूँ !!
तू मुझे पत्थर नहीं सदा से है अपना मानता आया !
तुने हर मुश्किल ,हर दुःख ,सफलता और ख़ुशी को मुझसे बंटाया !!
इसीलिए तू मंदिर नहीं आया तो मै खुद चला आया !
मेरी भी मज़बूरी है जो बहुत बुरी है...!!
मे भगवान हूँ पर अपनों से नहीं मिल सकता !
तू मेरा अपना है पर मै तेरे आंसू नहीं पोंछ सकता !!
हाँ बस इतना है की तुझमे विश्वास जगा सकता हूँ !
मै तेरे हर दम साथ हूँ यह जता सकता हूँ !!
उनकी बातों से मेरा मन पसीज गया !
आँखों से सटा तकिये का हिस्सा भीग गया !!
मैंने आँखे खोली तो आँखें भी भीगी थी !
उठकर देखा तो मेरे पास कोई नहीं बस उनके होने का आभास था !
भगवान आज भी है यह विश्वास मेरे साथ था !!
शायद यह विश्वास ही ईश्वर के होने का अहसास था .....!!!
भगवान आज भी है यह विश्वास मेरे साथ था !!
शायद यह विश्वास ही ईश्वर के होने का अहसास था .....!!!
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